Saturday, January 30, 2021

परमपिता परशुराम जी की महिमा


 ★ परशुराम जी की महिमा ★

भारत वर्ष की धरती पर, प्रभु ने षष्ठम् अवतार लिया |

भक्तों की रक्षा करने को, प्रभु ने फरसा थाम लिया ||


त्रेता युग में तुम थे जन्मे, भृगु के पौत्र कहाये थे |

जमदग्नि-रेणुका के थे जाये, ऋषि-कुल में तुम आये थे ||


प्रसेनजित के पुण्य थे पाए, शिव जी से था फरसा पाया,

कामधेनु का दुग्ध पिया था, माँ के आँचल की थी छाया |


कामधेनु का दर्शन करके, हैहय-राजा था ललचाया |

ऋषि के ना करने पर उसने, कामधेनु का हरण कराया ||


पुरुषोत्तम लौटे जब आश्रम, सहस्त्रार्जुन को था ललकारा |

सहस्त्र भुजाएं करके खंडित, सैन्य सहित उसको संहारा ||


अनुपस्थिति में परशुराम की, अर्जुन-पुत्र वहाँ था आया |

और अकेले ऋषि को पाकर, जमदग्नि का वध करवाया ||


प्रतिशोध में पिता के आकार, हैहय क्षत्रिय सब संहारे |

पापमुक्त कर दिया धरा को, सहस्त्रबाहु गया प्रभु के द्वारे ||


सर्वोपरि है पिता की आज्ञा, युद्ध-नीति विधि ज्ञाता हैं |

प्रभू-भक्त ब्राह्मण समाज के, ये तो भाग्य विधाता हैं ||


शिव-धनुष टंकार सूनी जब, तुरतहिं रक्षा को थे धाये |

सिया-स्वयंवर में थे पहुंचें, सप्तावतार के दर्शन पाए ||


सीता को आशीष दिया ये, सुख-सौभाग्य सदा ही पाओ |

श्रीराम संग सदा बिराजो, पतिव्रता तुम सदा कहाओ ||


शिष्य भीष्म और द्रोण तुम्हारे, कर्ण को था सब ज्ञान दिया |

अपने जीवन काल में तुमने, प्रभु भक्तों को मान दिया ||


रक्षा में धर्म के तुमने, सारा जीवन लगा दिया |

अब भी आवश्यकता है तुम्हारी, सबने तुमको याद किया ||


कल्कि पुराण कहे ये प्रभुजी, दशम अवतार में आयेंगे |

तुम्हीं गुरु होगे उन प्रभु के, तुम्हीं से शिक्षा पाएंगे ||


भगवन परशुराम की महिमा, जगत में जो भी गायेगा |

सरस्वती की कृपा रहेगी, सदा मान वो पायेगा ।

→ #प्रभु_परशुराम_जी_को_नमन _/\_

राजमणि तिवारी(क्रांतिकारी ब्राह्मण बिचारक) 

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